Current Affairs = BPSC


Ajit Kumar AJIT KUMARWISDOM IAS, New Delhi.

                        बिहार में बुजुर्गों के लिए बनेगा वरिष्ठ नागरिक आयोग

राज्य सरकार ने बुजुर्गों के सामाजिक, स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा का पुख्ता प्रबंध करने की कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत पांच साल तक बुजुर्गों के कल्याण के लिए सभी विभाग मिलकर काम करेंगे। कार्ययोजना 2019-24 के क्रियान्वयन के लिए वरिष्ठ नागरिक आयोग का गठन किया जाएगा। 

हर पंचायत में वयोश्री मित्र नियुक्त किए जाएंगे 
गांवों में रहने वाले बुजुर्गों को सरकारी योजना का लाभ पहुंचाने के लिए हर पंचायत में एक युवा को प्रशिक्षित कर वयोश्री मित्र के रूप में नियुक्त किया जाएगा। साथ ही सभी जिलों में बुजुर्ग हेल्पलाइन की स्थापना की जाएगी।
सभी जिला अस्पतालों में दस बेड होंगे आरक्षित: उम्र बढ़ने के साथ बुजुर्गों को स्वास्थ्य की समस्याएं सबसे अधिक परेशान करती है। अस्पतालों में इलाज कराने के लिए उन्हें कई बार फजीहत झेलनी पड़ती है। इसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सभी सदर और अनुमंडल स्तर के अस्पतालों में वरिष्ठ नागरिकों के लिए 2 आरक्षित बेड की व्यवस्था होगी। इसके अलावे सभी जिला अस्पतालों में दस बेड आरक्षित भी होंगे। 
यही नहीं बुजुर्गों के लिए आंख, कान, हृदय रोग, शुगर व ब्लड प्रेशर की जांच के लिए शिविर लगाकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। वहीं राष्ट्रीय अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मोतियाबिंद से प्रभावित बुजुर्गों के आंखों की नियमित जांच होगी और जांच कर उन्हें चश्मा उपलब्ध कराया जाएगा।

सभी जिलों में बनेंगे 50 बेड के वृद्धाश्रम  
इस नियमावली के तहत सामाजिक सुरक्षा निदेशालय की ओर से सभी अनुमंडलों में भरण-पोषण अधिकरण का गठन किया जाएगा। साथ ही साप्ताहिक बैठक एवं सहायक निदेशक के माध्यम से त्रैमासिक रिपोर्ट सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है। सभी जिलों में 50 बेड के वृद्धाश्रम बनाये जाने हैं। वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के कौशल विकास से लेकर छोटे-मोटे रोजगार से जोड़ने की व्यवस्था होगी। 
बुजुर्गों की हर संभव सेवा के लिए यह कार्ययोजना बनायी गई। इस तरह बुजुर्गों को सम्मानपूर्वक जिन्दगी देने की कोशिश की गई है। 
 
 
                सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को रोचक बनाने के लिए की जा रही है ये पहल!
 
सरकारी स्कूलों में छात्रों को पढ़ाने का तरीका बदला जाएगा। किस्से, कहानियों और चित्रों के माध्यम से विभिन्न विषयों को समझाकर पढ़ाई को रोचक बनाया जाएगा, ताकि छात्र आसानी से समझ सकें और परीक्षा में बेहतर अंक ला सकें। इसके लिए डायट में शिक्षकों, डीएलएड और बीएड के छात्रों प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
पढ़ाई के प्रति बच्चों में रुचि घट रही है। इस कारण वे पढ़ाई से भाग रहे हैं, लेकिन इस नई विधि में पढ़ाने के दौरान बच्चों के मन में उठने वाले सवालों के जवाब देने का प्रयास किया जाएगा। बच्चों को आसानी से पाठ समझ में आ जाए और लंबे समय तक इसे वे याद रख सकें इसके लिए किस्से, कहानियों ओर चित्रों के माध्यम से रुचिकर बनाकर गुरुजी (शिक्षक) पढ़ाएंगे। इसके लिए शिक्षकों के बीच रुचिकर रूप से कहानी सुनाने की विधि (स्टोरी टेलिंग) विकसित की जा रही है।
प्रशिक्षण में भाषा और गणित के साथ अन्य विषयों के शिक्षकों को भी शामिल किया जाएगा, ताकि वे विषय वस्तु को बेहतर तरीके से छात्रों को समझा पाएं। जिला शिक्षा पदाधिकारी मधुसूदन पासवान ने बताया कि प्रशिक्षण की दिशा में लगातार प्रयास हो रहा है। पहले भी प्रशिक्षण दिया गया था। जिन शिक्षकों ने प्रशिक्षण नहीं लिया है, उनके लिए आगे भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस नई विधि से सरकारी स्कूलों के छात्र पहले की अपेक्षा विषय को बेहतर ढंग से समझेंगे तो परीक्षा में उनका प्रदर्शन अच्छा दिखेगा। ग्रेड ए यानी (81-100) प्रतिशत अंक लाने वाले छात्रों की संख्या भी बढ़ेगी। 
 
नर्सरी से 12वीं तक के छात्रों को मिलेगा लाभ
टीचर्स ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की बैठकों में इसपर चर्चा होती है, इसलिए भागलपुर में बीएड और डीएलएड दोनों के छात्रों को नए तरीके से पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नर्सरी से 12वीं तक के बच्चों को इसका लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सामान्य रूप से शिक्षक सीधे आकर किताबी भाषा छात्रों को पढ़ाने लगते हैं। इसे न तो छात्र समझ पाते हैं और न ही शिक्षक के सामने अपनी समस्या रख पाते हैं। पठन-पाठन की प्रक्रिया में छात्रों को पहले रुचिकर बोध होना चाहिए। इसके लिए हर चैप्टर को जीवनशैली से जोड़कर पढ़ाने की जरूरत है। इससे न सिर्फ छात्र समझ पाएंगे बल्कि सरकारी स्कूलों का रिजल्ट भी बेहतर होगा और स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति भी बढ़ेगी।

सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड भी कई तरीके अपना रहे
डॉ. राकेश ने बताया कि बिहार के सरकारी स्कूलों के साथ अन्य बोर्ड जैसे सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड भी अब पढ़ाई को रुचिकर बनाने की दिशा में काफी काम कर रहे हैं। छात्रों को विषय आसानी से समझ में आए इसके लिए कई तरह के तरीके अपनाए जा रहे हैं।
 
                            आयुष्मान भारत योजना से 39 लाख लोगों ने कराए इलाज

देश भाजपा प्रवक्ता राजीव रंजन ने दावा किया है कि आयुष्मान भारत योजना से अब तक 39 लाख से अधिक लोगों ने इलाज कराए हैं। नि:शुल्क इलाज कराने के कारण लोगों का 61 सौ करोड़ बचा है। शुक्रवार को जारी बयान में प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना गरीब-गुरबों के लिए वरदान साबित हो रही है। अभी तक इस योजना से 39.20 लाख से अधिक लोगों का नि:शुल्क इलाज हो चुका है। इसमें हृदय और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के रोगी भी शामिल हैं।
इस योजना के तहत अब तक 9 करोड़ 48 लाख से अधिक लाभार्थियों को ई-कार्ड मिले हैं। नि:शुल्क इलाज होने से लोगों के लगभग 6,100 करोड़ बच चुके हैं। योजना के तहत 16 हजार 179 अस्पतालों को जोड़ा जा चुका है। इसमें से 50 प्रतिशत निजी अस्पताल हैं।
लोगों के इलाज में किसी तरह की कोई कोताही न हो और उत्तम इलाज मिले, सरकार इसका भी ध्यान रख रही है। अस्पतालों के प्रदर्शन के आधार पर उन्हें स्टार रेटिंग दी जाएगी। एक शिकायत प्रबंधन पोर्टल भी लॉन्च किया गया है, जिससे आम जनता घर बैठे ही अपनी शिकायत कर सकते हैं।
 
                             विशेष दर्जा से बिहार में लगेंगे बड़े उद्योग 
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार लैंड-लॉक राज्य है। यहां बिना लाभ के अवसर पैदा किए बड़े उद्योग नहीं आएंगे। हमलोग हमेशा बिहार के लिए विशेष दर्जा की मांग करते रहे हैं। विशेष दर्जा मिलने से बड़े उद्योग लगने की संभावना बढ़ेगी। लेकिन यहां सूक्ष्म, छोटे और मध्यम उद्योग की बड़ी संभावनाएं हैं। बैंकों के सहयोग से इसमें गति आ सकती है। मुख्यमंत्री गुरुवार को राज्यस्तरीय बैंकर्स समिति की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। व्यापार बढ़ा है। पटना के अलावा राज्य के छोटे शहरों में भी सभी तरह के सामान की बिक्री हो रही है। यहां की आबादी अधिक है, जिसके कारण प्रति व्यक्ति आमदनी सालाना 40 हजार रुपये से कम है। बिहार के पिछड़ेपन और गरीबी को दूर करने में बैंकिंग सिस्टम की बड़ी भूमिका हो सकती है। राज्य में आबादी नियंत्रण के लिए भी हमलोग काम कर रहे हैं। लड़कियों को शिक्षित कर प्रजनन दर को नियंत्रित करने पर काम किया जा रहा है। 
सीएम नीतीश ने कहा कि अगले साल अप्रैल से सभी ग्राम पंचायतों में नौवीं कक्षा की पढ़ाई शुरू होगी। इंटर पास अविवाहित लड़कियों को 10 हजार तथा स्नातक पास सभी लड़कियों को राज्य सरकार 25 हजार देकर शिक्षित होने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। महिला सशक्तीकरण के लिए कई काम हो रहे हैं। नगर निकाय और पंचायत चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया गया। 8.5 लाख जीविका समूह गठित हो चुके हैं। इनसे एक करोड़ महिलाएं जुड़ी हैं। हमारा लक्ष्य दस लाख जीविका समूह बनाने का है। 
सीएम ने कहा कि राज्य में विकेंद्रित तरीके से विकास किए जा रहे हैं। सड़कों- भवनों का निर्माण, कृषि क्षेत्र, समाज कल्याण सहित अन्य काम किए जा रहे हैं। शिक्षा समिति के माध्यम से स्कूल भवनों का निर्माण कराया गया। इससे लोगों को रोजगार मिला और उनकी आमदनी भी बढ़ी है।
 
किसानों को वैज्ञानिक और जैविक खेती समझाने के लिए बीएयू ने की ये अनोखी पहल
 
बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) घाघ-भड्डरी के जरिए वैज्ञानिक और जैविक खेती को समझाने का प्रयास कर रहा है। इसके लिए बीएयू सबौर ने उनकी कहावतों का संकलन कर कृषि की कहावतें नाम से किताब प्रकाशित की है। 
चार संस्करणों में प्रकाशित हो चुकी इस किताब की काफी मांग है। छात्र, शिक्षक से लेकर किसान इसे काफी पसंद कर रहे हैं। इसकी वैज्ञानिकता का इस्तेमाल करते हुए विवि ने समय, फसल और उसके लिए जरूरी चीजों की जानकारी भी दी है।
 
बीएयू के कुलपति डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया कि घाघ-भड्डरी की कहावतें आज भी सार्थक हैं। खेती के लिए इससे बेहतर वैज्ञानिक भाषा नहीं। घाघ ने कृषि विज्ञान को साहित्य के रूप में पेश किया। बदल रहे मौसम को देखते हुए कुछ जगहों पर उनकी कहावतें कमजोर पड़ी हैं, खासकर वर्षा को लेकर। इस पर आगे काम करने की जरूरत है। किसान सोमेश कुमार कहते हैं कि किसानी पूर्वानुमान से चलती है। किताब में राशि, सूर्य, नक्षत्र और वर्षा की उपयोगी चर्चा है।

नाथनगर सहित आसपास के इलाकों में 20 हेक्टेयर की जमीन पर बीएयू द्वारा जैविक खेती होनी है। किसानों को इसके महत्व को समझाने के लिए दोहे का उपयोग किया जा रहा है। निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. आरके सोहाने ने बताया कि जल्द ही विवि द्वारा कृषि की कहावतें का पांचवां संस्करण प्रकाशित किया जाएगा। साहित्यकार डॉ. भगवान सिंह कहते हैं कि घाघ-भड्डुरी का साहित्य विज्ञान के काफी करीब रहा है। आज के दौर में ऐसे साहित्य नहीं लिखे जाते, जो जनपयोगी हो। 
 
                           बिहार में महिलाओं के लिए 35% आरक्षण

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि विकसित बिहार के सात निश्चय का क्रियान्वयन पूरे राज्य में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण लागू कर दिया गया है।
हर घर नल का जल योजना का लाभ राज्य के 50 लाख 87 हजार घरों में मिल रहा है। अगले साल तक राज्य के सभी घर तक नल-जल पहुंचा दिया जाएगा। पक्की गली नाली बन जाएगी। जीविका के माध्यम से 8.50 लाख स्वयं सहायता समूह का गठन किया गया है। इनसे एक करोड़ से ज्यादा परिवार जुड़े हैं।

जल-जीवन-हरियाली अभियान दो अक्तूबर सेनीतीश कुमार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के कुप्रभावों को ध्यान में रखते हुए जल-जीवन-हरियाली अभियान की कार्ययोजना 02 अक्तूबर के पहले लागू कर दी जाएगी। विस्तृत कार्ययोजना बन रही है। बिहार पृथ्वी दिवस के अवसर पर 09 को अभियान के लिए जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत हुई है। 
 




Saturday, 24th Aug 2019, 06:31:36 PM

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