भारत में नोटों का इतिहास


Ajit Kumar AJIT KUMARWISDOM IAS, New Delhi.



                                                                                                                                     भारत में नोटों का इतिहास
 
भारत का पहला नोट बैंक ऑफ हिंदुस्तान ने 1770 में जारी किया था। ये नोट 10 रुपये से 10 हजार रुपये तक की कीमत के थे।

* यह बैंक बंगाल प्रेसिडेंसी के तहत काम करने वाला एक प्राइवेट बैंक था। इसके अलावा मुंबई प्रेसिडेंसी की ओर से भी नोट जारी किए गए थे।
* 1857 की क्रांति के बाद अंग्रेजों ने रुपये को आधिकारिक मुद्रा बनाया और इसे पूरे देश में लागू किया गया।

* अंग्रेजी शासन से पहले राजाओं की ओर से भी नोट जारी किए जाते थे।

* गोवा में जहां पुर्तगाली सरकार की ओर से जारी किए गए नोट चलते थे वहीं पुडुचेरी में फ्रांसीसी सरकार नोट जारी करती थी।

* अंग्रेजों के दौर में जारी नोटों पर जॉर्ज पंचम और क्वीन विक्टोरिया की तस्वीरें होती थीं, जबकि आजादी के बाद इन नोटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर यूज की जाने लगी।

* पहली बार जनवरी 1946 और दोबारा 1978 में भी 1000 और उससे ज्यादा मूल्य के नोटों को चलन से बाहर किया गया था।

* 1938 में अब तक का सबसे बड़ा नोट 10 हजार रुपये का छापा गया था।

* साल 1949 में आजाद भारत का पहला नोट एक रुपये का छापा गया। इसके ऊपर सारनाथ के सिंहों वाले अशोक स्तंभ की तस्वीर थी।

* जनवरी, 1946 से पहले तक 1000 और 10 हजार रुपये के बैंक नोट चलन में थे।

* 1954 में 1000, 5000 और 10,000 रुपये के नोटों को दोबारा लाया गया। जनवरी 1978 में इन सभी को बंद कर दिया।

* सन 2000 में 1000 रुपये के नोट ने वापसी की।

नोट छपाई में खर्चे
₹1000 तकरीबन ₹3
₹500 तकरीबन ₹2.50
₹50 तकरीबन ₹2
₹10 ₹1
₹100 तकरीबन ₹2
₹20 ₹1.50
₹5 50 पैसे



Friday, 11th Aug 2017, 07:15:31 PM

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