बजट 2019 – 20 में रेल बजट


Ajit Kumar AJIT KUMARWISDOM IAS, New Delhi.


वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में सत्र 2019-20 के लिए बजट पेश करते हुए रेलवे सेक्टर पीपीपी मॉडल के आधार पर विकास की घोषणा की।  वित्त मंत्री ने रेलवे इंफ्रास्टक्चर में सुधार की बात करते हुए कहा, रेलवे के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए साल 2018 से 2030 के बीच 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यकता होगी।


 
अनुमान है कि 2018 से 2030 के बीच रेल अवसंरचना के लिए 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश की आवश्यक्ता होगी। इसे देखते हुए रेलवे का पूंजी परिव्यय प्रति वर्ष 1.5 से 1.6 लाख करोड़ रुपये है।
 
सभी मंजूर परियोजनाएं पूरी करने में कई दशक लग जाएंगे। अत: यह प्रस्ताव किया जाता है कि तीव्र विकास और पटरियां बिछाने. रेलिंग स्टाक विनिर्माण तथा यात्री मालभाड़ा सेवाओं की सुपुर्दगी के लिए सरकारी निजी भागीदारी(पीपीपी) का इस्तेमाल किया जाएगा। 

सब अरबन रेलवे में बड़ा निवेश किया जाएगा।  मुंबई और दिल्ली जैसे महानगरों में सब अर्बन रेलवे  बेहद सफल रहा है। रेल मंत्रालय सब अर्बन रेलवे का विस्तार स्पेशल परपज व्हीकल(एसपीव्ही) के जरिए किया जाएगा। इसके लिए भी पीपीपी मॉडल के जरिए निवेश किया जाएगा। उन्होंने कहा,भारतीय रेलवे की उपशहरी तथा लंबी दूरी वाली सेवाएं मुंबई जैसे शहर तथा छोटे शहरों में चमत्कारी कार्य कर रही हैं।
 
 रेलवे को दिल्ली मेरठ मार्ग पर प्रस्तावित रैपिड रीजनल ट्रांसपोर्ट सिस्टम(आरआरटीएस) जैसी विशेष प्रयोजन साधन(एसपीवी) संस्थाओं के जरिए उपशहरी रेलने में अधिक निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। ट्रांजिट हब के इर्द गिर्द वाणिज्यिक गतिविधि सुनिश्चित करने के लिए ट्रांजिट उन्मुखी विकास(टीओडी) का समर्थन करते हुए मैं अधिक पीपीपी पहलों को बढ़ावा देकर तथा स्वीकृत कार्य के समापन को सुनिश्चित करके मेट्रो रेलवे पहलों को बढ़ावा का प्रस्ताव करती हूं।


वित्त मंत्री ने कहा कि  हम 2022 तक डेडीकेटेड फ्रंड कॉरीडोर पार्ट योजना पूरी कर लेंगे जो यात्री रेलगाड़ियों के लिए मौजूदा रेलवे नेटवर्क को मुक्त रखेगी। 

रेलवे स्टेशनों का मॉर्डनाइजेशन

आम नागरिकों के लिए रेल यात्रा को आरामदायक और सुखद अनुभव बनाने के लिए हम इस वर्ष बड़े पैमाने पर रेलवे स्टेशन आधुनिकीकरण का कार्यक्रम शुरू करेंगे।
 
देश में 657 किमी का लंबा हुआ मेट्रो रेल नेटवर्क
देश में लगातार बढ़ते मेट्रो रेल नेटवर्क के बारे में वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा, कुल 300 किमी की लंबाई वाले मार्ग की नई मेट्रो रेल परियोजनाओं को 2028-19 के दौरान मंजूरी दी गई थी। साथ ही, 2019 के दौरान लगभग 210 किमी मेट्रो लाइनों पर प्रचालन शुरु हो गया है। इसके चलने के साथ देशभर में 657 किमी का मेट्रो रेल नेटवर्क प्रचालनरत है। 




Friday, 05th Jul 2019, 01:33:49 PM

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