परमाणु हथियार प्रतिबंध संधि


Ajit Kumar AJIT KUMARWISDOM IAS, New Delhi.




July 2017
परमाणु हथियारों पर प्रतिबंध लगाने से जुड़ी पहली वैश्विक संधि की स्वीकृति के लिए संयुक्त राष्ट्र में 120 से अधिक देशों ने मतदान किया है। हालांकि, भारत, अमेरिका, चीन और पाकिस्तान सहित अन्य परमाणु क्षमता सम्पन्न देशों ने परमाणु हथियारों पर प्रतिबंध लगाने की खातिर कानूनी तौर पर बाध्यकारी व्यवस्था के लिए हुई वार्ताओं का बहिष्कार किया।

परमाणु अप्रसार के लिए कानूनी तौर पर बाध्यकारी पहले बहुपक्षीय साधन परमाणु हथियार निषेध संधि को लेकर 20 वर्ष वार्ताओं का दौर चला। कल भारी प्रशंसा के बीच 122 देशों ने इसके पक्ष में और नीदरलैंड्स ने इसके खिलाफ मतदान किया जबकि सिंगापुर मतदान की प्रक्रिया से बाहर रहा।

भारत एवं अन्य परमाणु सम्पन्न राष्ट्रों अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इस्राइल ने वार्ता में हिस्सा नहीं लिया। परमाणु हथियारों पर रोक के मकसद से इसे कानूनी रूप से बाध्यकारी बनाने के संबंध में इस साल मार्च में इसका मूल सत्र आयोजित हुआ था।

परमाणु हथियारों के पूर्ण उन्मूलन की दिशा में पिछले साल अक्तूबर में परमाणु हथियारों पर रोक के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी सनद को लेकर वार्ता हुई थी और इससे संबद्ध संयुक्त राष्ट्र महासभा के एक प्रस्ताव पर 120 से अधिक राष्ट्रों ने मतदान किया था। बहरहाल भारत इस प्रस्ताव से दूर रहा था।
अक्तूबर में आए प्रस्ताव से दूर रहने के संबंध में भारत ने मतदान स्पष्टीकरण देते हुए कहा था कि भारत इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं था कि प्रस्तावित सम्मेलन परमाणु अप्रसार पर व्यापक साधन के लिये अंतरराष्ट्रीय समुदाय की दीर्घकालिक उम्मीद का निवारण कर सकता है।

भारत ने कहा कि वह परमाणु अप्रसार को लेकर वार्ताएं शुरू किये जाने का समर्थन करता है जबकि भारत इस बात पर भी कायम रहा था कि जिनेवा में हुई कॉन्फ्रेंस ऑन डिसआर्मामेण्ट सीडी एकमात्र बहुपक्षीय परमाणु अप्रसार वार्ता मंच है।
भारत सीएनडब्ल्यूसी का समर्थन करता है
 
भारत ने यह भी कहा था कि जिनेवा स्थित निरस्त्रीकरण पर सम्मेलन (सीडी) निरस्त्रीकरण पर चर्चा के लिए एकमात्र बहुपक्षीय मंच है। उसने कहा था कि वह परमाणु हथियारों पर समग्र सम्मेलन (सीएनडब्ल्यूसी) पर सीडी में वार्ता की शुरूआत का समर्थन करता है। सीएनडब्ल्यूसी में प्रतिबंध और विलोपन के अलावा सत्यापन भी शामिल है ।



Saturday, 08th Jul 2017, 06:02:00 PM

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